Uploaded July 2026 | Updated September 2026, 1 week ago
भगवान श्री जगन्नाथ जी एक बार फिर अपने रथ पर सवार होकर अपने भक्तों से मिलने निकल पड़े हैं। मान्यता है कि रथयात्रा का रथ तब तक आगे नहीं बढ़ता, जब तक स्वयं महाप्रभु की इच्छा न हो।
कलियुग में अपने भक्तों के सुख-दुख बाँटने के लिए स्वयं रथ पर निकलने वाले महाप्रभु श्री जगन्नाथ आज भी अपनी दिव्य लीलाओं से पूरी दुनिया को आश्चर्यचकित करते हैं। जहाँ विज्ञान के तर्क समाप्त हो जाते हैं, वहाँ से प्रभु की महिमा और आस्था का अनुभव शुरू होता है।
ऐसे महाप्रभु श्री जगन्नाथ के श्रीचरणों में कोटि-कोटि प्रणाम। 🙏🚩
श्री जगन्नाथ रथयात्रा की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ।
#JagannathRathYatra #Jagannath #PuriJagannath #DrVivekBindra #BadaBusiness
भगवान श्री जगन्नाथ जी एक बार फिर अपने रथ पर सवार होकर अपने भक्तों से मिलने निकल पड़े हैं। मान्यता है कि रथयात्रा का रथ तब तक आगे नहीं बढ़ता, जब तक स्वयं महाप्रभु की इच्छा न हो।
कलियुग में अपने भक्तों के सुख-दुख बाँटने के लिए स्वयं रथ पर निकलने वाले महाप्रभु श्री जगन्नाथ आज भी अपनी दिव्य लीलाओं से पूरी दुनिया को आश्चर्यचकित करते हैं। जहाँ विज्ञान के तर्क समाप्त हो जाते हैं, वहाँ से प्रभु की महिमा और आस्था का अनुभव शुरू होता है।
ऐसे महाप्रभु श्री जगन्नाथ के श्रीचरणों में कोटि-कोटि प्रणाम। 🙏🚩
श्री जगन्नाथ रथयात्रा की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ।
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