Uploaded June 2026 | Updated September 2026, 1 week ago
गोलघर संग्रहालय (Golghar Museum) मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ऐतिहासिक शाहजहांनाबाद क्षेत्र में स्थित है。
यह नवाब-युगीन कला, हस्तशिल्प और भोपाल की समृद्ध सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाला एक प्रमुख ऐतिहासिक स्थल है。
🏛️ इतिहास और वास्तुकलामूल नाम: इसे मूल रूप से 'गुलशन-ए-आलम' कहा जाता था。
निर्माण: इसका निर्माण नवाब शाहजहां बेगम ने अपने शासनकाल (1868-1901 के मध्य) में करवाया था。
उद्देश्य: नवाब काल के दौरान यह इमारत एक सचिवालय (सेक्रेटेरिएट) के रूप में काम करती थी और बाद में चिड़ियाघर के रूप में इस्तेमाल की गई。
आर्किटेक्चर: यह एक गोलाकार इमारत है, जिसकी छत बेहद आकर्षक है。इसमें कई दरवाजे और बेलनाकार स्तंभ हैं。
📍 प्रमुख जानकारीस्थान: यह संग्रहालय बेब अली स्टेडियम के पास, नियामतपुरा, शाहजहांनाबाद, भोपाल में स्थित है。
क्या देखें: यहाँ भोपाल के नवाबों के शानदार युग के चित्र, ऐतिहासिक वस्तुएं, हस्तशिल्प और स्थानीय कलाकृतियों का एक बेहतरीन संग्रह मौजूद है。
महत्व: यह इमारत भोपाल के समृद्ध राजनीतिक और सांस्कृतिक इतिहास को समझने का एक बेहतरीन स्रोत है。
गोलघर संग्रहालय (Golghar Museum) मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ऐतिहासिक शाहजहांनाबाद क्षेत्र में स्थित है。
यह नवाब-युगीन कला, हस्तशिल्प और भोपाल की समृद्ध सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाला एक प्रमुख ऐतिहासिक स्थल है。
🏛️ इतिहास और वास्तुकलामूल नाम: इसे मूल रूप से 'गुलशन-ए-आलम' कहा जाता था。
निर्माण: इसका निर्माण नवाब शाहजहां बेगम ने अपने शासनकाल (1868-1901 के मध्य) में करवाया था。
उद्देश्य: नवाब काल के दौरान यह इमारत एक सचिवालय (सेक्रेटेरिएट) के रूप में काम करती थी और बाद में चिड़ियाघर के रूप में इस्तेमाल की गई。
आर्किटेक्चर: यह एक गोलाकार इमारत है, जिसकी छत बेहद आकर्षक है。इसमें कई दरवाजे और बेलनाकार स्तंभ हैं。
📍 प्रमुख जानकारीस्थान: यह संग्रहालय बेब अली स्टेडियम के पास, नियामतपुरा, शाहजहांनाबाद, भोपाल में स्थित है。
क्या देखें: यहाँ भोपाल के नवाबों के शानदार युग के चित्र, ऐतिहासिक वस्तुएं, हस्तशिल्प और स्थानीय कलाकृतियों का एक बेहतरीन संग्रह मौजूद है。
महत्व: यह इमारत भोपाल के समृद्ध राजनीतिक और सांस्कृतिक इतिहास को समझने का एक बेहतरीन स्रोत है。










